LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट ने पूछा- टाइगर स्टेट में ही टाइगर असुरक्षित क्यों?

सिर्फ 2025 में 54 बाघों की मौतों पर केंद्र व राज्य सरकार के साथ NTCA को नोटिस 

जबलपुर।  दुनिया में कुल 5,421 बाघ हैं, जिनमें से 3,167 भारत में पाए जाते हैं। अकेले मध्यप्रदेश में 785 टाइगर मौजूद हैं, जिससे यह राज्य देश का सबसे बड़ा टाइगर हब माना जाता है। लेकिन इसी “टाइगर स्टेट” में साल 2025 के दौरान 54 बाघों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह दावा भोपाल के वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मप्र हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में किया है। इस दावे को गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अदालत ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी और अधिवक्ता अलका सिंह ने पक्ष रखा।

2025 बना सबसे काला साल, प्रोजेक्ट टाइगर के बाद सबसे ज्यादा मौतें

याचिकाकर्ता का कहना है कि साल 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक राज्य में एक ही वर्ष में इतनी अधिक टाइगर मौतें दर्ज की गई हैं। जनवरी 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक की यह संख्या अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक मौतों का रिकॉर्ड बन चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट ने खोली पोल

16 दिसंबर 2025की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि  “2025 में मध्यप्रदेश में 54 टाइगर मौतें, प्रोजेक्ट टाइगर के बाद सबसे ज्यादा”। इस रिपोर्ट में कहा गया कि टाइगर संख्या बढ़ने के दावों के पीछे पोचिंग, करंट, रेल हादसे और रहस्यमयी मौतों की भयावह सच्चाई छिपी है।

बांधवगढ़ में सबसे ज्यादा ‘अप्राकृतिक’ मौतें

याचिकाकर्ता के अनुसार दुनिया में सबसे अधिक टाइगर घनत्व वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ही लगभग 57% टाइगर मौतें अप्राकृतिक बताई गई हैं।ये मौतें शिकार (Poaching), करंट लगने और संदिग्ध परिस्थितियों में हुईं थीं। हाल ही में उमरिया जिले के चंदिया रेंज में बिजली लाइन के पास टाइगर का शव मिलने से इलेक्ट्रोक्यूशन की आशंका जताई गई।

अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का खुलासा

पोचिंग के खतरे की गंभीरता तब और बढ़ गई जब वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और एमपी टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय तस्कर यांगचेन लखुंगपा को गिरफ्तार किया। यह आरोपी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस में वांछित था और उसका नेटवर्क भारत, नेपाल, तिब्बत और चीन तक फैला था

हर साल बढ़ रही मौतों की संख्या

आंकड़े लगातार खतरे की घंटी बजा रहे हैं—

  • 2021: 34 मौतें

  • 2022: 43 मौतें

  • 2023: 45 मौतें

  • 2024: 46 मौतें

  • 2025: 54 मौतें 

 PCCF की चिट्ठी ने मानी प्रशासनिक चूक

12 दिसंबर 2025 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) ने खुद स्वीकार किया कि करंट,  सड़क व रेल हादसे और फील्ड अधिकारियों की लापरवाही टाइगर मौतों की बड़ी वजह है। यहां तक कि रिजर्व के अंदर हड्डियां और शव मिलने की बात भी मानी गई। इसके बाद भी कोई थोड़ कदम न उठाये जाने पर यह याचिका दाखिल की गई। 


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